आईटीआई पासआउट युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने का फैसला

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चंडीगढ़, 2 मई – हरियाणा में शिक्षुता कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने और भारत सरकार की ओर से ‘चैंपियन ऑफ चेंज’ नेशनल अवार्ड जीतने के बाद, अब राज्य सरकार ने एक कदम और बढ़ाते हुए आईटीआई पासआउट युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इससे प्रदेश के युवा रोजगार के लिए सरकारी विभागों और निजी उद्योगों की तरफ ताकने की बजाय अपना व्यवसाय स्थापित करके आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इस मकसद को हासिल करने के लिए, जिला शिक्षुता समितियों का पुनर्गठन किया गया है और संबंधित जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में इनका नाम बदलकर ‘जिला शिक्षुता और आत्मनिर्भर समिति’ करते हुए बैंक प्रतिनिधियों को भी कमेटी में शामिल किया गया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कमेटी शिक्षुता अधिनियम, 1961 के अंतर्गत प्रत्येक 3 माह में जिले में सभी प्रतिष्ठानों का सर्वे पूरा करवाएगी तथा शिक्षुता पोर्टल पर निर्धारित संख्या में सीटें सृजित करवाकर अप्रेंटिस लगवाएगी। कमेटी  जिले में सभी योग्य प्रतिष्ठानों का शिक्षुता पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाएगी। साथ ही, सभी प्रतिष्ठानों में उनके कुल कर्मचारियों की संख्या के कम से कम 2-5 प्रतिशत और अधिकतम 15 प्रतिशत की तक शिक्षुता अधिनियम, 1961 के अनुसार डेजिग्नेटेड  एवं ऑप्शनल ट्रेड अप्रेंटिस लगाने के प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि सहायक शिक्षुता सलाहकार द्वारा जिले में स्थित सभी प्रतिष्ठानों का सर्वे किया जाएगा और शिक्षुता अधिनियम,1961 लागू करने में कमी पाए जाने पर दोषी प्रतिष्ठान को नोटिस जारी करेगा।
उन्होंने बताया कि यह कमेटी जिले में स्थित प्रतिष्ठान या संस्थान की सुविधा अनुसार अधिनियम  के तहत फ्रेशर शिक्षुओं के लिए बेसिक ट्रेनिंग की व्यवस्था  के साथ -साथ शिक्षु लगने के इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर करवाने की व्यवस्था भी करेगी। इसके अलावा, जिले में स्थित सभी निजी प्रतिष्ठानों द्वारा हरियाणा के निवासी युवाओं को रोजगार देने के कार्य की निगरानी करेगी, जिले की आईटीआई या हरियाणा कौशल विकास मिशन की योजनाओं के तहत कौशल प्रमाण पत्र धारक युवाओं को उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहन एवं सुविधाएं प्रदान करेंगी तथा बैंक से ऋण दिलवाने में भी मदद करेगी।
प्रवक्ता ने बताया कि यह कमेटी प्रत्येक वर्ष जिला उद्यमी पुरस्कार के लिए सफल उद्यमियों के नाम का नामांकन करेगी और हर महीने बैठक आयोजित कर योजना की प्रगति की समीक्षा करेगी। इसके अलावा, अप्रेंटिस लगाने, रोजगार दिलवाने व सफल उद्यमी बनाने के लक्ष्य के प्रति समिति के प्रदर्शन की मुख्य सचिव द्वारा वर्ष में दो बार समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले का सहायक शिक्षुता सलाहकार इस कमेटी का सदस्य सचिव होगा होगा। इसी तरह, जिला उद्योग केंद्र का महाप्रबंधक या संयुक्त निदेशक, जिला रोजगार अधिकारी, श्रम विभाग का जिला अधिकारी, स्थानीय उद्योग संघों के कम से कम दो प्रतिनिधि, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम या दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता या कार्यकारी अभियंता, जिला आबकारी एवं कराधान अधिकारी, पर्यावरण विभाग के जिला अधिकारी, संबंधित जिले के रोडवेज महाप्रबंधक, संबंधित जिले के अग्रणी बैंक का अधिकारी, हरियाणा कौशल विकास मिशन के परियोजना प्रबंधक या जिला कौशल समन्वयक इस कमेटी के सदस्य होंगे।

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