जिद छोड़ किसानों की मांगे माने सरकार: मलौर

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अम्बाला, 8 दिसम्बर:-

पूर्व विधायक एवं सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी जसबीर मलौर ने जनसुई टोल प्लाजा पर इक्टठे हुए किसानों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि किसान आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है एवं किसानों के आह्वान पर बुलाए गए भारत बंद को जनता ने पूर्ण समर्थन दिया | आज देश का किसान केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विरोधी काले कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है लेकिन गूंगी बहरी भाजपा सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है | मलौर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सिर्फ चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने की मशां से आज देश के किसानों को बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है | जब देश का किसान इन काले कानूनों को चाहता ही नहीं है और धरने पर बैठा है तो सरकार जबरदस्ती काले कानूनों को किसानों पर क्यों थोप रह है | मलौर ने कहा कि जब प्रधानमन्त्री ने तीन महीने लाकडाइन लगाया तब देश की अर्थव्यवस्था खराब नहीं हुई जो आज भाजपा नेता किसान आंदोलन की वजह से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की बात कर रहे है | शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति सरकार ने जो अंसवेदनशील रवैया अपनाया , उससे देश की जनता आज गुस्से में है | विभीन्न समाजिक सगंठनो , व्यापारी , कर्मचारी , मजदूर , हरियाणा पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर , टूरिस्ट एसोसिएशन , ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन आदि सगंठनो ने किसान आंदोलन के समर्थन में भारत बंद को अपना समर्थन दिया | मलौर ने कहा कि बहन कुमारी शैलजा जी के नेतृत्व में पूरी कांग्रेस पार्टी आज किसानों के हर सघंर्ष में उनके साथ खड़ी है | देश की अर्थव्यवस्था पूर्ण रुप से कृषि पर निर्भर है |  अगर देश का किसान खुशहाल है तो देश खुशहाल है | लेकिन केन्द्र में बैठी मौजूदा सरकार किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है | सरकार की किसानों को गुलाम बनाने की मशां कभी सफल नहीं होगी | आज किसान आंदोलन को देश ही नहीं पूरे विश्व में समर्थन मिल रहा है | अपनी जायज मांगो को लेकर धरने पर बैठे किसानों पर सरकार अत्याचार कर रही है | झूठे मुकद्दमे दर्ज किए जा रहे है | मलौर ने कहा कि सलाह – मशवरा और सुलह ही किसी देश के लोकतंत्र का आधार होती है | सलाह मशवरे की प्रक्रिया से ही आम सहमति हो सकती है | लेकिन भाजपा सरकार ने जिस तरह से किसानों को विश्वास में लिए बगैर अध्यादेश के माध्यम से काले कानूनों को किसानों पर थोपा , उससे सरकार की मशां पर सवाल उठना लाज़मी है | मलौर ने मांग करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपना अहंकार त्याग टकराव की राजनीति को समाप्त करे एवं किसानों की सभी मांगो का माना जाए | देश की जनता की जीत ही लोकतन्त्र की जीत होगी | चब तक किसानों की मांगो को नहीं माना जाएगा एवं सरकार इन काले कानूनों को वापिस नहीं लेगी किसान , मजदूर , आड़ती , आम जनता का यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा |

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