जिला में पंहुच चुकी है 12840 कोविशिल्ड वैक्सीन की डोज, वैक्सीन लगाने का काम कल 16 जनवरी से

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अम्बाला, 15 जनवरी:- जिला में 12840 कोविशिल्ड वैक्सीन की डोज पंहुच चुकी है। वैक्सीन लगाने के लिये 9670 लोगों को पंजीकृत किया गया है। पंजीकृत किये गये सभी को निर्धारित कार्यक्रम के तहत वैक्सीन लगाने का काम कल 16 जनवरी से शुरू कर दिया जायेगा। वैक्सीन लगाने के लिये 4 केन्द्र स्थापित किये गये हैं, जिनमें नागरिक अस्पताल अम्बाला छावनी, पीएचसी पंजोखरा, सीएचसी शहजादपुर तथा मैडिकल कालेज मुलाना शामिल है। सभी केन्द्रों में लोगों को वैक्सीन लगाने का कार्य डिप्टी सीएमओ की देखरेख में किया जायेगा। यह जानकारी सिविल सर्जन डा0 कुलदीप सिंह ने स्थानीय किंगफिशर पर्यटक स्थल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।
प्रेस वार्ता के दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि सबसे पहले कोरोना के खिलाफ फ्रंटफुट की लड़ाई लड़ रहे कोरोना योद्घाओं को वैक्सीन लगाई जायेगी, जिनमें स्वास्थ्य कर्मी और पुलिस विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के वो कर्मचारी भी शामिल हैं, जो कोरोना के खिलाफ फ्रंटफुट की लड़ाई लड़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित चार स्थानों पर पूरी सावधानी व निर्धारित मापदंडों की पालना के तहत क्रमबद्ध तरीके से टीकाकरण लगाने का काम किया जायेगा। वैकसीन को लेकर किसी प्रकार की कोई भ्रांति नहीं होनी चाहिए, कोविशिल्ड व को-वैकसीन पूरी तरह से सुरक्षित है, इससे किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। इनके ट्रायल पूरी तरह से सफल रहे हैं।
सिविल सर्जन डा0 कुलदीप सिंह ने यह भी बताया कि 16 जनवरी को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया जायेगा। इसी कड़ी में अम्बाला जिले में स्थापित चारों स्थानों पर वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर दिया जायेगा। मीडिया द्वारा पूछे गये प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि जनवरी 2021 के अनुसार जिले में 12 लाख 23 हजार की आबादी है, टीकाकरण के तहत 32 कोल्ड चेन प्वाएंट के साथ-साथ 58 आईएलआर व 42 डीप फ्रीज के साथ-साथ टीकाकरण के लिए 200 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम शामिल रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कोवैक्सीन को भारत बायोटैक द्वारा  आईसीएमआर के सहयोग से बनाया गया है तथा कोविशिल्ड वैक्सीन को सीरम इंस्टीच्यूट ऑफ इंडिया ने आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी व एस्ट्रोजैनका के सहयोग से तैयार करने का काम किया है। उन्होंने यह भी बताया कि 3 जनवरी 2021 को स्वास्थ्य विभाग (भारत सरकार) द्वारा इन दोनों वैकसीन को पूरे विश्व में देने की मंजूरी मिली है। भारत में भी इन दोनों वैकसीनों को देने की मंजूरी मिली है तथा प्रदेश में भी इन दोनों वैकसीनों को क्रमबद्ध तरीके से देने का काम किया जा रहा है।
सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जिले में कोविशिल्ड डोज़ के तहत सभी तैयारियां कर ली गई हैं। प्रात: 9 से सांय 5 बजे तक निर्धारित स्थानों पर पूरी सावधानी बरतते हुए वैक्सीन लगाने का काम किया जायेगा। उन्होंने मीडिया के माध्यम से यह भी कहा कि कईं बार लोगों में ऐसी वैकसीन को लेकर भं्राति फैलाई जाती है लेकिन यह दोनों वैकसीन पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने दोहराया कि पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ अन्य लोगों को दूसरे चरण में पुलिस, फ्रंट लाईन के तहत निकाय कर्मी, राजस्व विभाग के कर्मी के साथ-साथ अन्य तीसरे चरण के तहत 50 साल से उपर आयु वर्ग के लोगों को तथा चौथे चरण के तहत 50 साल से कम उम्र के वह लोग जो किसी अन्य बीमारी जैसे शुगर, डायबटीज या अन्य से ग्रस्त हैं उन्हें वैकसीन लगाने का काम किया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों को यह वैकसीन लगाई जायेगी निर्धारित मापदंडों के तहत अगली डोज़ इसी वैकसीन के तहत लगेगी। बशर्ते लाभार्थियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हिदायतों की पालना निरंतर करनी होगी।
सिविल सर्जन ने इस मौके पर यह भी बताया कि कोरोना महामारी सबसे खतरानाक बीमारी है। उन्होंने अपने 27 वर्ष के अनुभव को उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत करते हुए कहा कि उन्होंने चिकित्सा की सेवा में इस खतरनाक वायरस को नहीं देखा है, यह इतना खतरनाक है कि यह फेफडों को पूरी तरह से सफेद कर देता है जिसके कारण व्यक्ति कईं बार मौत के ग्रास में चला जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व में आज तक 9 करोड़ 37 लाख लोग इस वायरस के संक्रमण का शिकार हुए हैं, यूएसए की बात करें तो 2 करोड़ 38 लाख से अधिक लोग इसका शिकार हुए हैं। भारत में करीब एक करोड़ 5 लाख लोग इस संक्रमण के शिकार हुए हैं जबकि एक लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि वैकसीन के कईं प्लेटफार्म होते हैं। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी को प्रदेश में 3 लाख लोगों को यह वैकसीन लगाने का काम शुरू किया जायेगा और इसके लिए स्थान चिन्हित हैं।
इस मौके पर उप सिविल सर्जन डा0 बेला शर्मा, डा0 राजेन्द्र राय, डा0 सुनिधि करोल, डा0 सुखप्रीत, डा0 कुलविन्द्र, डा0 कीर्ति, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

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