जिला में पांच लाख से अधिक महिलाओं व बालिकाओं के खून की जांच अभियान की शुरूआत

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अंबाला, एक मार्च:- डीसी अशोक कुमार ने कहा महिलाओं व बालिकाओं में खुन की जांच और कमी को पूरा करने के लिए समुचे जिला को अनिमिया मुक्त बनाने के लिए अभियान की शुरूआत कर दी गई है। प्रथम चरण में अम्बाला द्वितीय विकास खंड से इसकी शुरूआत की गई है। इस ब्लाक में करीब 27 हजार महिलाओं और बच्चियों के खुन की जांच की जाएगी। जिनमें खुन की कमी पाई जाती है उनको दवाएं दी जाएगी और जरूरत पडी तो टीके भी लगवाए जाएंगे। आगामी 8 मार्च तक महिला दिवस से पहले प्रथम चरण के अभियान को पुरा कर लिया जाऐगा। डीसी अशोक कुमार सोमवार को आंगनवाडी केन्द्र पंजोखडा साहिब में अभियान की शुरूआत करने उपरान्त उपस्थित श्रोताओं को सम्बोंधित कर रहे थे।
उपायुक्त ने अपने सम्बोधन में आगे कहा कि समूचे जिला में पांच लाख से अधिक महिलाओं व बालिकाओं के खून की जांच की जानी है, जिसके चलते प्रथम चरण में अम्बाला ब्लाक टू से शुरूआत हो चुकी है। महिलाओं में खून की कमी के कारण कईं अन्य बीमारियों के होने का भी अंदेशा बना रहता है। इसीलिये खून की जांच बहुत जरूरी है। खून की कमी को दवाओं के माध्यम से या फिर इंजेक्सन से पूरा किया जा सकता है। आधुनिक मशीनों के माध्यम से जांच होगी। जिसकी रिपोर्ट शत-प्रतिशत मानी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि खून की कमी के कारण शरीर में आक्सीजन की भी कमी हो जाती है, जिससे शरीर की क्षमता और दक्षता प्रभावित होती है। कोरोना से बचाव के लिये भी शारीरिक रूप से मजबूत होना अनिवार्य है। इसीलिये सभी को चाहिए कि वे अपने खून की जांच अवश्य करवाएं।
इसके उपरांत उन्होंने परिसर में एक बैठक ली, जिसमें उन्होंने नगर परिषद प्रशासक सचिन गुप्ता, एसडीएम ममता, सीएमजीजीए उत्सव शाह, सीएमओ, बीडीपीओ, सचिव रैड क्रास, जिला कार्यक्रम अधिकारी, नेहरू युवा केन्द्र सहित सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे इस अभियान को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने सीएमओ कुलदीप सिंह को निर्देश दिये कि इस विषय को लेकर यदि किसी जरूरी सामान की जरूरत पड़ती है तो उसे निर्धारित मापदंड के तहत अवश्य खरीद लिया जाये ताकि अनिमिया मुक्त अभियान को सुचारू रूप से अमलीजामा पहनाया जा सके।
इस मौके पर सिविल सर्जन डा0 कुलदीप सिंह ने बताया कि हिमोग्लोबिन शरीर में खून की मात्रा बताता है। पुरुषों में इसकी मात्रा 12 से 16 प्रतिशत तथा महिलाओं में 11 से 14 के बीच होना चाहिए। एनीमिया तब होता है, जब शरीर के रक्त में लाल कणों या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर, उनके निर्माण की दर से अधिक होती है। गर्भवती महिलाओं को बढ़ते शिशु के लिए भी रक्त निर्माण करना पड़ता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को एनीमिया होने की संभावना अधिक रहती है। एनीमिया एक बीमारी है। इसके कारण महिलाओं को अन्य बीमारियां होने की संभावना और बढ़ जाती है।
इसके लक्षणों सम्बन्धी विषय पर बोलते हुए सीएमओ ने बताया कि त्वचा का सफेद दिखना, जीभ, नाखूनों एवं पलकों के अंदर सफेदी, कमजोरी एवं बहुत अधिक थकावट, चक्कर आना- विशेषकर लेटकर एवं बैठकर उठने में, बेहोश होना, सांस फूलना, हृदयगति का तेज होना, चेहरे एवं पैरों पर सूजन दिखाई देना, इसके लक्षण है। इसीलिये यदि किसी को भी अपने शरीर में इस प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करे।
उन्होंने बताया कि अनिमिया का सबसे प्रमुख कारण लौह तत्व वाली चीजों का उचित मात्रा में सेवन न करना, मलेरिया के बाद, जिससे लाल रक्त कण नष्ट हो जाते हैं। किसी भी कारण रक्त में कमी, जैसे- शरीर से खून निकलना (दुर्घटना, चोट, घाव आदि में अधिक खून बहना), शौच, उल्टी, खांसी के साथ खून का बहना, माहवारी में अधिक मात्रा में खून जाना, पेट के कीड़ों व परजीवियों के कारण खूनी दस्त लगना, पेट के अल्सर से खून जाना, बार-बार गर्भ धारण करना मुख्य कारण माने जाते हैं।
इस मौके पर एसडीएम ममता शर्मा, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, डॉ सुनील सादिक, डॉ संगीता गोयल, डा0 सुखप्रीत, डा0 सुनिधि, डा0 बलविन्द्र कौर, डा0 सुनील हरी, डा0 कुलविन्द्र कौर, सचिव रैड क्रास विजया लक्ष्मी, बीडीपीओ दलजीत सिंह, अमरजीत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे।
बॉक्स:- उपचार तथा रोकथाम:- अगर एनीमिया मलेरिया या परजीवी कीड़ों के कारण है, तो पहले उनका इलाज करें, लौह तत्वयुक्त चीजों का सेवन करें, विटामिन ए एवं सी युक्त खाद्य पदार्थ खाएं, गर्भवती महिलाओं एवं किशोरी लड़कियों को नियमित रूप से लौह तत्व व फॉलिक एसिड की एक गोली डॉक्टरों की सलाह अनुसार रोज रात को खाना खाने के बाद लेनी चाहिए। भोजन के बाद चाय के सेवन से बचें, क्योंकि चाय भोजन से मिलने वाले जरूरी पोषक तत्वों को नष्ट करती है, काली चाय एवं कॉफी पीने से बचें, संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छ पेयजल ही इस्तेमाल करें, स्वच्छ शौचालय का प्रयोग करें, खाना लोहे की कड़ाही में पकाएं।
बॉक्स:- फोलिक एसिड:- शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कण बनाने के लिए फोलिक एसिड की आवश्यकता होती है। फोलिक एसिड की कमी से एनीमिया की बीमारी होती है। गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां, मूंगफली, अंडे, कुकुरमुत्ता (मशरूम), मटर व फलियां, चोकर वाला आटा, आलू, दालें, सूखे मेवे, मछली, मांस, बाजरा, गुड़, गोभी, शलजम, अनानास, अंकुरित दालों व अनाजों का नियमित प्रयोग करें। ऐसा करने से शरीर की क्षमता और दक्षता तो बढ़ती ही है, साथ ही खून की कमी भी नही रहती।
बॉक्स:- अनिमिया मुक्त अभियान के प्रथम चरण के तहत आज पंजोखरा साहिब आंगनवाड़ी केन्द्र में सबसे पहले किरण देवी ने अपने खून की जांच करवाई। इसके बाद में नैबो देवी, सुनीता देवी, मनजीत, रीना, राज रानी ने भी अपने रक्त की जांच करवाई।

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