धूमधाम से मनाया जाएगा हरियाणा में गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश उत्सव

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चंडीगढ़, 8 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 मई 2021 को देश और दुनिया भर में  भव्य समारोह आयोजित किए जाएंगे, उस दिन हरियाणा सरकार गुरु तेग बहादुर जी की जीवनी पर तैयार एक कॉफी टेबल बुकलेट जारी करेगी।

          श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस ऐतिहासिक उत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की गई है। नौवें सिख गुरु के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए हरियाणा सरकार यमुनानगर में मेडिकल कॉलेज का नाम गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखेगी।

          मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुरु तेग बहादुर जी की 400वीं जयंती को मनाने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गठित उच्च-स्तरीय समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री श्री संदीप सिंह भी उपस्थित थे।

          श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा गुरु तेग बहादुर जी के साथ एक विशेष बंधन सांझा करता है। गुरु जी ने जींद जिले, जिसे उनकी राजधानी के रूप में जाना जाता है, से लोहगढ़ तक की यात्रा की थी। राज्य के युवाओं को गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

          मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश उत्सव पर जिस यात्रा का आयोजन किया जाएगा, उसमें हरियाणा के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थानों जो गुरु तेग बहादुर जी से संबंधित हैं, को शामिल किया जाए।

          कश्मीरी पंडितों के लिए गुरु तेग बहादुर जी द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान की कहानी को सांझा करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि जब भाई जीवन सिंह गुरु तेग बहादुर जी के शीश को आनंदपुर साहिब ले जाते हुए सोनीपत पहुंचे, उस समय मुगलों की सेना से बचने के लिए सोनीपत के गांव बड़खालसा के भाई कुशाल सिंह ने भाई जीवन सिंह को अपने सिर की पेशकश करते हुए कहा था कि उनकी शक्ल गुरु जी से मिलती है, तो मेरे सिर को मुगलों की सेना को सौंप दें ताकि गुरु तेग बहादुर जी के शीश को आनंदपुर साहिब ले जाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाई कुशाल सिंह के इस महाबलिदान को सदैव याद रखा जाएगा और उनकी याद में राज्य सरकार ने बढ़खालसा में भाई कुशाल सिंह की प्रतिमा स्थापित की है तथा मैमोरियल भी बनाया है।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण डिजिटल तरीके से भी समारोह आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे के संदेश का प्रचार करने के लिए हरियाणा सरकार राज्यभर में धार्मिक गुरुओं, संतों और महापुरुषों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी जयंती को बड़े स्तर पर मनाती है।

          बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के साथ गुरु तेग बहादुर जी की 400 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव सांझा किए।

          बैठक में मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी. एस. ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, विदेश सहयोग विभाग के प्रधान सचिव श्री योगेन्द्र चौधरी, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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