पिछले खरीद सीजऩ में देरी से हुए आढ़त व मजदूरी के भुगतान पर आढ़तियों को मिलेगा ब्याज- मुख्यमंत्री

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आज से ब्याज के भुगतान की प्रक्रिया  शुरू – मनोहर लाल
खातों को सत्यापन के लिए आढ़तियों के पास भेजा जा रहा है- मनोहर लाल
मुख्यमंत्री ने की सभी जिला उपायुक्तों के साथ रबी खरीद प्रक्रिया की समीक्षा
जिला उपायुक्तों को खरीद व्यवस्था सुगम बनाने के निर्देश

चंडीगढ़, 8 अप्रैल – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री  मनोहर लाल ने फसलों की सुगम और समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि जिन आढ़तियों को पिछले खरीद सीजऩ की आढ़त व मजदूरी का भुगतान देरी से हुआ है, उन्हें देरी से हुए भुगतान पर ब्याज मिलेगा।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्याज के भुगतान की प्रक्रिया आज से शुरू होगी। खातों को सत्यापन के लिए आढ़तियों के पास भेजा जा रहा है। इस समूची प्रक्रिया के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने यह बात आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों और अधिकारियों के साथ रबी खरीद प्रक्रिया की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री  जे.पी. दलाल भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि इस तरह की बैठक हर सप्ताह के प्रत्येक गुरुवार को सभी उपायुक्तों के साथ बातचीत करने के लिए शुरू की गई है ताकि विकास के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आढ़तियों के साथ बैठक की गई थी, जिसके दौरान महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।  राज्य सरकार ने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि खरीद के दौरान उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बैठक के दौरान उपायुक्तों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मंडियों में सुचारू रूप से खरीद प्रक्रिया जारी है।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आढ़तियों के साथ निरंतर वार्ता की जानी चाहिए और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को सुगम व समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि एक अप्रैल, 2021 से मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है।
श्री मनोहर लाल ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि किसानों को मंडियों में अपनी फसल लाने में कोई परेशानी न हो यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही,मंडियों में गेट पास, कंप्यूटर ऑपरेटर, पेयजल और शौचालय की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी. एस. ढेसी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त श्री  संजीव कौशल, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी. के. दास, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खंडेलवाल, खान एवं भूविज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. सी. गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अमित झा, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस. एन. रॉय, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री  टी. वी.एस. एन. प्रसाद,  स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री महावीर सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री  वी. उमाशंकर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ.  अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ सहित राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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